2 Oct 2009, 2300 hrs IST,इकनॉमिक टाइम्स
नई दिल्ली।। क्या आपको तुरंत नकदी की जरूरत है और अकाउंट खाली है। क्लाइंट से चेक तो मिला है, लेकिन रात
के वक्त जरूरत पड़ने पर उसका कोई फायदा नहीं? या फिर डेबिट कार्ड खोने के बाद आपको अपने बच्चे के जन्मदिन समारोह के लिए आयोजक को तुरंत पैसा देना है? जेब खाली और चिंताएं इतनी। लेकिन जल्द ही ये दिक्कतें दूर होने वाली हैं। भारत में कुछ बैंक ऐसी टेक्नॉलजी का परीक्षण कर रहे हैं, जिससे एटीएम में चेक डालकर तुरंत नकदी हासिल की जा सकेगी। उत्तरी अमेरिका और यूरोप में चेक ट्रंकेटिंग मशीन (सीटीएम) का काफी इस्तेमाल होता है, जो विशेष एटीएम मशीन के अंदर रहती है।
सीटीएम, एक ऐसा यंत्र है, जो तुरंत चेक वेरिफिकेशन और क्लियरेंस करती है। अमेरिका की एनसीआर कॉर्प. और डाईबॉल्ड इंक जैसी एटीएम बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों की नजरें अब भारत के कुछ बैंकों पर टिक गई हैं। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), आईडीबीआई और आईएनजी वैश्य जैसे कुछ बैंकों ने ऐसी एटीएम में दिलचस्पी जताई है। बैंकिंग नियामक रिजर्व बैंक ने भी इस कदम का स्वागत किया है। आरबीआई का कहना है कि यह ग्राहकों के लिए काफी बढ़िया रहेगा।
एनसीआर इंडिया के एमडी प्रदीप सेन ने कहा कि (एनसीआर, डाईबॉल्ड और जर्मनी की विनकॉर निक्सडॉर्फ) के हैं।
सीटीएम-एटीएम इंसर्ट किए जाने वाले चेक को स्कैन करती है और उसकी डिजिटल इमेज बनाती है। यह डिजिटल चेक इमेज क्लियरेंस के लिए इलेक्ट्रॉनिक आधार पर इसे जारी करने वाले बैंक के आईटी नेटवर्क पर भेजी जाती है। कुछ पलों में आपके खाते में रकम क्रेडिट कर दी जाती है, जिसे डेबिट कार्ड के जरिए तुरंत निकाला जा सकता है। या अगर आप अपना डेबिट कार्ड कहीं खो बैठते हैं या रखकर भूल जाते हैं, तो दोस्त को चेक जारी कर नकदी का संकट खत्म किया जा सकता है। आरबीआई के एक प्रवक्ता ने बताया कि बैंकों को इंटर और इंटरा बैंक उद्देश्यों के लिए सीटीएम (चेक ट्रंकेटिंग मशीन) के इस्तेमाल की इजाजत पहले से दी गई है।